नीमकाथाना, सुरेश यादव।
सरोज मेमोरियल महाविद्यालय, नीमकाथाना स्थित दूरस्थ शिक्षा शाखा के छात्र और अजमेर निवासी योगाचार्य हेमंत ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कोविड काल से अब तक योग, प्राकृतिक चिकित्सा और यज्ञ चिकित्सा के 200 निःशुल्क ऑनलाइन सत्र सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं। इस उपलब्धि पर देश-विदेश के अनेक विद्वानों, योग विशेषज्ञों और संस्थानों ने उन्हें शुभकामनाएं और बधाइयाँ प्रेषित की हैं।
पतंजलि योगपीठ से बधाई संदेश
इस शुभ अवसर पर पतंजलि योगपीठ हरिद्वार से स्वामी यज्ञदेव और योगग्राम से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नागेंद्र नीरज ने योगाचार्य हेमंत को शुभकामनाएं देते हुए उनके सेवाभावी कार्यों की सराहना की।
विश्वभर से जुड़े विद्वान
कार्यक्रम में ऑनलाइन जुड़कर देश-विदेश के कई विद्वानों ने शुभकामना संदेश भेजे।
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सवाई माधोपुर से वैदिक विद्वान आचार्य सोमदेव ने योग के उद्देश्य और प्रभाव पर प्रकाश डाला।
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अजमेर के ऋषि उद्यान से आचार्य कर्मवीर ने दैनिक जीवन में योगासन और प्राणायाम के महत्व पर विचार रखे।
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आर्यवीर दल राजस्थान के संचालक भवदेव शास्त्री ने वर्तमान समय में योग की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए सभी को प्रेरित किया।
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दुबई से डॉ. नरेंद्र कुमार सनाढ्य, पानीपत से वैदिक विदुषी आर्य सुषमा, आचार्य रवि शंकर, डॉ. भूपेंद्र शर्मा (ध्यान प्रशिक्षक, उदयपुर) और आचार्य अवनीश मैत्री (जयपुर) ने भी अपने शुभकामना संदेश प्रेषित किए।
अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति
योगाचार्य हेमंत ने न केवल भारत में बल्कि जर्मनी, लंदन और अमेरिका में भी ऑनलाइन योग एवं यज्ञ प्रशिक्षण देकर भारतीय योग विद्या को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई है। वे राजस्थान पुलिस में भी नियमित योग सेवाएं दे रहे हैं।
सेवा का संकल्प
यह निःशुल्क योग कार्यक्रम पिछले एक वर्ष से भी अधिक समय से सतत रूप से चल रहा है। योगाचार्य हेमंत ने सभी विद्वानों, योगगुरुओं और सहयोगियों का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए इस सेवा कार्य को अनवरत जारी रखने का संकल्प दोहराया।
योगाचार्य हेमंत की यह उपलब्धि न केवल योग जगत के लिए गर्व की बात है, बल्कि समाज सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल भी है।
उनके प्रयासों से हजारों लोगों ने योग और प्राकृतिक चिकित्सा से आरोग्य पाया है।




